Truck operators protest

Himachal :बरमाना में ट्रक ऑपरेटरों ने किया जोरदार विरोध प्रदर्शन, पांच दिन में समाधान नहीं तो बिलासपुर में होगा चक्का जाम

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Truck operators protest : बिलासपुर। ट्रक आपरेटरों व अदाणी समूह (Adani Group) के बीच किराये को लेकर चल रहे विवाद को लेकर पांच दिन की चेतावनी के बाद बिलासपुर में चक्का जाम की धमकी दी गई है। बिलासपुर सदर भाजपा ने आज इसी मुद्दे को लेकर चंडीगढ़-मनाली राष्ट्रीय उच्च मार्ग (Chandigarh-Manali National Highway) पर धरना दिया। धरने में सदर विधायक त्रिलोक जम्वाल ने प्रदेश सरकार को दो टूक शब्दों में चेतावनी दी कि यदि किराया विवाद पांच दिन में हल न किया तो भाजपा आपरेटरों के साथ मिलकर बरमाणा से बिलासपुर तक चक्का जाम करेगी। इसकी सारी जिम्मेवारी प्रदेश सरकार पर होगी। सदर भाजपा द्वारा आयोजित यह धरना एक घंटा तक चला। सदर भाजपा पदाधिकारियों ने दुर्गा मंदिर बरमाणा से लेकर डैहर सडक़ तक रोष रैली भी निकाली तथा इस दौरान प्रदेश सरकार व अदाणी समूह के विरूद्ध जमकर नारेबाजी भी की तथा सडक़ पर ही धरना दिया। इस कारण सडक़ के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गई। 

सरकार जानबूझ कर लटका रही मामला

धरने को संबोधित करते हुए सदर विधायक त्रिलोक जम्वाल (MLA Trilok Jamwal) ने कहा कि प्रदेश सरकार जानबूझकर इस मामले को लटकाने का प्रयास कर रही है और अपने हित के लिए ट्रक आपरेटरों को बांट रही है। इसके चलते ही शिमला में 20 जनवरी को उद्योग मंत्री के साथ हुई बैठक में बरमाणा के आपरेटरों को नहीं बुलाया गया था। इससे प्रदेश सरकार की नीयत साफ हो गई है। उद्योग मंत्री इस विवाद को आपरेटरों व अदाणी समूह के बीच का मामला बताकर अपना पल्लू झाड़ रही है। पांच दिन बीत जाने के बावजूद भी उद्योग मंत्री सचिवालय में अपने कमरे से मुख्यमंत्री के कमरे तक नहीं पहुंच पाए हैं।चेतावनी दी कि यदि पांच दिन में विवाद हल न किया तो सदर भाजपा आपरेटरों के साथ मिलकर बरमाणा से बिलासपुर तक चक्का जाम करेगी। 

सरकार की अडानी समूह से हो चुकी है सांठगांठ 

उन्होंने कहा कि सरकार की अदाणी समूह (Adani Group से कथित तौर पर सांठगांठ हो चुकी है और एक सोची-समझी चाल के तहत ही सरकार दाड़लाघाट और बरमाणा के आपरेटरों को बांट रही है। दोनों सीमेंट प्लाटों के आपरेटरों की एकता को तोडऩे के बाद सरकार अपनी मर्जी के रेट तय करने की नोटिफिकेशन जारी करेगी। भाजपा आपरेटरों के हितों से किसी प्रकार का खिलवाड़ नहीं होने देगी और उनके हकों के लिए हर स्त्तर पर लड़ाई लड़ेगी। सरकार चाहे तो इस विवाद को एक क्षण में हल कर सकती है। इसके लिए 2005 में बने फार्मूले के तहत किराया निकालने के लिए ज्यादा समय नहीं लगेगा।

सरकार ने तीन रुपये बढ़ाए डीजल के रेट 

उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने जानबूझकर डीजल के रेट (Diesel Rates)  में तीन रुपये की वृद्धि की है। आपरेटरों का किराया निर्धारित करते समय डीजल सहित अन्य कंपोनेंट के मूल्य भी शामिल किए जाते हैं। आपरेटरों को मौजूदा समय 11.41 रुपये प्रति टन किलोमीटर किराया मिल रहा है। ऐसे में डीजल के रेट बढऩे पर आपरेटरों का किराया और बढ़ेगा। सरकार ने अभी तक अदाणी समूह के विरूद्ध कोई कार्रवाई नहीं की है। सरकार को आपरेटरों के हित में अपनी ताकत का अदाणी समूह को अहसास करवाना चाहिए।

 

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